वाराणसी। श्री रामानंद संप्रदाय की मूल आचार्य पीठ, श्रीमठ (पंचगंगा घाट, काशी) में आज अध्यात्म और श्रद्धा का एक विहंगम दृश्य देखने को मिला। वर्तमान पीठाधीश्वर, अनंत श्री विभूषित जगद्गुरु रामानन्दाचार्य स्वामी श्री रामनरेशाचार्य जी महाराज के पावन सान्निध्य में भव्य 'श्री रामार्चा महाअनुष्ठान' का अत्यंत गरिमामयी आयोजन किया गया।
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| श्रीमठ में दुर्लभ श्रीरामार्चा महानुष्ठान करते वर्तमान रामानंदाचार्यजी के उत्तराधिकारी श्रीराघवदास जी महाराज |
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| विशेष पूजा पद्धति से भगवान श्रीराम की पावन आराधना |
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| गंगाजी के तट पर पावन आयोजन |
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| संत समागम, श्रीमठ, पंचगंगा घाट, वाराणसी |
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| अयोध्या नगरी से पधारे संत शिरोमणि आचार्य रामानंददास जी महाराज एवं संत आचार्य श्री रामविनयदास जी महाराज |
यह कलिपावन अनुष्ठान विश्वविश्रुत संत शिरोमणि आचार्य रामानंददास जी महाराज के मुख्य आचार्यत्व में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हो रहा है, जिसका संपादन श्रीमठ के सुयोग्य उत्तराधिकारी श्री राघवदास जी महाराज द्वारा पूर्ण निष्ठा व शास्त्रीय पद्धति से किया जा रहा है।
## देशभर से जुटे श्रद्धालु, संतों की गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक धार्मिक अनुष्ठान में संप्रदाय के वरिष्ठ संतों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें मुख्य रूप से:
* श्रीमहन्त राम विनय दास जी महाराज
* श्रीमहन्त श्यामदास जी महाराज
* मानसकेशरी आचार्य श्री रामलखन दास जी महाराज सम्मिलित हुए।
भगवान राघवेंद्र सरकार की आराधना के लिए आद्य जगद्गुरु रामानन्दाचार्य महाराज द्वारा प्रणीत 'श्री रामार्चन पद्धति' को रामानंद संप्रदाय की सर्वोत्कृष्ट साधना माना जाता है। इस महाअर्चना को आत्मसात करने और प्रभु के दर्शन लाभ हेतु संपूर्ण देश से 'श्रीमठ परिवार' और बड़ी संख्या में भक्तगण काशी पहुंचे हैं।
## कुशल प्रबंधन से आयोजन रहा भव्य
श्रीमठ परिसर में उमड़े इस जनसैलाब और त्रिदिवसीय व्यवस्थाओं का कुशल संचालन एवं प्रबंधन आचार्य उपेंद्र जी मिश्र द्वारा किया जा रहा है, जिससे संपूर्ण आयोजन अत्यंत सुव्यवस्थित और अनुशासित ढंग से आगे बढ़ रहा है। पूरा पंचगंगा घाट इस समय 'जय सियाराम' और 'रामानंदाय नमः' के उद्घोष से गुंजायमान है।






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