Saturday, 1 October 2011

घर घर आतंकवाद

भाग २
भ्रूण हत्या से चिंता यह नहीं है कि लड़कियों की संख्या कम होगी, तो लडक़ों की शादी कैसे होगी। शादी जरूरी नहीं है, सौ में से २० लोग ही शादी की योग्यता वाले हैं। जो योग्य नहीं, वे शादी क्यों करते हैं, शादी उसी को करना चाहिए, जिसकी जेब में पैसे हों, जो स्वस्थ हो। पुराने जमाने में सभी लोगों की शादी नहीं होती थी। बहुत पुरुष कुंवारे रह जाते थे, अभी भी हरियाणा वगैरह में प्रथा चल रही है, पांच भाइयों में एक भाई शादी कर रहा है, क्योंकि पाचों शादी करेंगे, तो सबके बच्चे होंगे, विभाजन हो जाएगा, संपत्ति बिखर जाएगी। संपत्ति बिखर जाएगी, तो परिवार का कुटुंब का सम्मान चला जाएगा। इसलिए कई परिवारों में शादियां कम होती हैं।
असली बात पर लोगों का ध्यान नहीं जा रहा है। दुनिया में आतंकवाद सबसे बड़ी समस्या है, लेकिन दुनिया में एक प्रतिशत भी गुंडे और आतंकवादी नहीं हैं, लेकिन भ्रूण हत्या के माध्यम से हर घर में आतंकवादी पनप रहे हैं। अपनी संतान को जिसने मार दिया, वो दूसरों को मारने वालों से भी बड़ा अपराधी है। अपने बेटी का कोई मर्डर करता है, तो मर्डर करने वाला दूसरों को मर्डर करने वाले से ज्यादा बड़ा अपराधी होता है। हिंसा की भावना बहुत प्रबल होती है, तभी अपने से सम्बंध रखने वालों को मारना संभव होता है। एक बार भ्रूण हत्या हो गई, तो पूरा परिवार उसमें सम्मिलित होता है। पति राजी होता है, घर का मुखिया राजी होता है। सब मिलकर कन्या भ्रूण हत्या करते हैं, ऐसे लोगों में कभी भी राम भाव आने वाला नहीं है। जिस मां को मातृ देवो भव: कहा, जिस पिता को पितृ देवो भव: कहा, अगर दोनों की सहमति से मर्डर हुआ है, तो मंदोदरी देवो भव: हो गया, रावण देवो भव: हो गया। मैंने सुझाव दिया कि राष्ट्र जैसे चुनाव का खर्च सरकारी स्तर पर उठाने की सोच रहा है। ठीक उसी तरह कानून बनाया जाए, ऐसा कानून हो कि जितनी लड़कियां होंगी, सरकार शादी करवाएगी। इससे कन्याएं भी बचेंगी और पैसा भी बचेगा। कन्या भू्रण हत्या के आतंकवाद का फैलाव होता जा रहा है। एक बार जो इस तरह की हिंसा करेगा, वह सामान्य जीवन का, सुंदर जीवन का, प्रेमी जीवन का आदमी बन ही नहीं सकता। इस पर ध्यान दिया जाए। समस्या का समाधान यह भी होगा कि हर दो-चार साल बाद एक बार अल्ट्रा साउंड सभी औरतों का हो जाए, जिसने नहीं कराया, उसकी जय जयकार और जिसने कराया है, उसे तुरंत आजीवन कारावास। यदि ऐसा हो जाए, तो तुरंत भ्रूण हत्या रुक जाएगी। रही बात दहेज की, उसका समाधान कन्याएं कर ही रही हैं। दुनिया भर में लड़कियां काम कर रही हैं। अभी ममता बनर्जी ने जो किया, लगता नहीं था कि कम्युनिष्ट हटेंगे, ममता का कितना अपमान हुआ होगा, उसे समाप्त करने की कितनी चेष्टा हुई होगी, लेकिन वह नहीं झुकी। वामपंथियों को हरा दिया। आज की स्थिति में देश की सबसे बोल्ड महिला का नाम ममता बनर्जी है। वामपंथियों का पुराना शासन उखड़ गया, ऐसे वामपंथी, जो ऊपर से त्यागी और अंदर से भोगी थे। दुनिया के गरीबों एक हो जाओ बोलकर लूटते थे, मजदूरों के भले के लिए काम नहीं करते थे। रोजगार बढ़ाने के लिए काम नहीं करते थे।

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